Unemployment in india in Hindi

Unemployment in india in Hindi- भारत देश में बढती बेरोजगारी के कारण का मूल्याकन

Unemployment in india in Hindi
Unemployment in india in Hindi

बदलते आज से समझे, आने वाले जॉब ट्ट्रेंड को

महामारी के कारण आज हर क्षेत्र में घबराहट का माहौल है वैश्विक स्तर पर जीवन के लगभग हर क्षेत्र में कोरोनावायरस का बदलाव हो रहा है इसमें सामाजिक वित्तीय, शैक्षिक और ऐसे ही अन्य क्षेत्र शामिल हैं

इस माहौल में मन को उलझाने वाले लेकिन कई अहम प्रश्न उठ खड़े हुए हैं जिनका उत्तर मिलना आसान नहीं है प्रश्न जैसे कैरियर के लिए कौन सी राह चुने, नौकरी का कौन सा मौका हाथ से जाने ना दें, नौकरी के लिए कैसे सर्च करें या आवेदन करें ऐसे में एक्सपर्ट से बात करके विभिन्न मौकों के बारे में जानना सही तह राह पकड़ने की दिशा में अहम है क्योंकि यह फैसले भविष्य में आपके जीवन को लंबा समय तक प्रभावित करेंगे |

        नौकरी खोजने में ध्यान रखें वह लोग जिन्होंने हाल ही में ग्रेजुएशन किया है या अपना कार्यक्षेत्र बदलना चाहते हैं उन्हें यह बात समझनी चाहिए कि महामारी के कारण पढ़ाई से लेकर कार्यक्षेत्र तक की सारी स्थितियां अब ऑनलाइन हो चुकी है इस दौर में यह जरूरी है कि एक संभावित उम्मीदवार विभिन्न ऑनलाइन मंचों पर नौकरी खोजने और आवेदन की प्रक्रिया को अच्छी तरह जानता हो ऑनलाइन नौकरी खोजने की दिशा में कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए  

नंबर 1– विविध सोशल मीडिया हैंडल्स LinkedIn वगैरह पर सार्थक और दमदार तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज करना एक जरूरी कदम होना चाहिए

नंबर 2– सोशल मीडिया का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए ना करें, इसे अपने प्रोफेशनल नेटवर्क को बढ़ाने, अपनी प्रोफेशनल प्रोफाइल बनाने और  नौकरी छोड़ने के लिए इस्तेमाल करें

नंबर 3– एक संपूर्ण रिज्यूमे बनाने के लिए नमूने या टेंप्लेट पाने के लिए विभिन्न सॉफ्टवेयर या वेबसाइट जैसे एमएस वर्ड, कैनवा का इस्तेमाल करें

नंबर 4– Shine.com, Monster.com, inded.com Naukri.com जैसी जॉब पोस्टिंग वेबसाइट में जाकर अपना रिज्यूमे पोस्ट करना चाहिए और कंपनियों के बारे में अपनी खोजबीन जारी रखें

नंबर 5 अपनी कम्युनिकेशन स्किल सुधारने, इंटरव्यू के लिए अभ्यास के लिए या भारी मांग वाली स्किल के लिए अपनी उम्मीदवारी मजबूत करने के लिए किसी संबंधित प्रोफेशनल डेवलपमेंट कोर्स में शामिल हो

नंबर 6 कंपनी संगठन को समझें ताकि आप सही तरीके से अपना रुझान दर्शा सकें

नंबर 7 एक सही कैरियर कैसे चुने सबसे पहले यह समझे कि कैरियर चुनाव क्या प्रक्रिया है

इस प्रक्रिया में अपने रुझानों रुचियां और कौशल से मेल खाते कैरियर का चुनाव किया जाता है फिर हाल जो स्थितियां हैं उसमें कुछ कैरियर विकल्प अब गायब हो रहे हैं, तो कुछ में जबरदस्त उछाल आया है और वे आश्चर्यजनक तरीके से मांग में आ गए हैं Unemployment in india in Hindi

जो भी छात्र हाई स्कूल में है या किसी अंडर ग्रैजुएट प्रोग्राम में अपना नाम लिख आया है वह कुछ क्षेत्रों में अपने कैरियर के तौर पर चुनाव कर सकते हैं वह कैरियर फिलहाल बेहद डिमांड में है और आने वाले समय में मांग बने रहेंगे जिनमें से कुछ निम्न है

नंबर 1 डाटा साइंस- बहुत सी कंपनियां संगठन संस्थाओं को डाटा इकट्ठा करने और उनका विश्लेषण करने के लिए डाटा साइंटिस्ट और डाटा मैनेजमेंट एनालिटिक्स की जरूरत होती है वह विशेषज्ञ एकत्रित टाटा से निष्कर्ष उपलब्ध कराते हैं ताकि उन पर भावी नीतियों के प्रस्ताव बनाई जा सके और लाभ में बढ़ोतरी की जा सके इस प्रोफेशनल मैं टेंसरफ्लो, टैक्टिकल  मॉडलिंग, डिजिटल मार्केटिंग, स्पेशलिस्ट सोशल, मीडिया मैनेजर, डाटा विजुलाइजेशन के लिए जरूरी स्किल की मांग होती है

नंबर 2 कंप्यूटेशनल बायोलॉजी बायोलॉजिकल, इकोलॉजिकल, बिहेवियरल और सोशल सिस्टम का बेहतर तरीके से अध्ययन करने के लिए कंप्यूटेशनल बायोलॉजी स्ट मददगार होते हैं यह इन तत्व तंत्रों के बीच में आपसी संबंध को बेहतर ढंग से समझाने के लिए एल्गोरिदम और मॉडल्स बनाते हैं इस क्षेत्र में युवा को डाटा एनालिटिक्स कंप्यूटर साइंस मैथमेटिकल एंड स्टैटिकल मॉडलिंग वगैरह आना चाहिए

नंबर 3 ई-कॉमर्स- जैसा कि हम सभी जानते हैं कि अधिकतर व्यापार अब ऑनलाइन हो रहे हैं इसमें इकॉमर्स बिजनेस एसोसिएट्स, सप्लाई चैन एसोसिएट्स, पैकेज हैंडलर्स, पर्सनल शॉपर आदि की खूब डिमांड रहती है इस शेत्र में आवश्यक कौशलों में टाइम मैनेजमेंट कस्टमर सर्विस और लीडरशिप अहम है

नंबर 4 डिजिटल मार्केटिंग- एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर वस्तुओं और सेवाओं की खरीद-फरोख्त को बढ़ाने का जिम्मा डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल्स पर होता है, उम्मीदवार यहां डिजिटल मार्केटिंग स्पेशलिस्ट, सोशल मीडिया मैनेजर, मार्केटिंग रिप्रेजेंटेटिव, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के तौर पर काम कर सकते हैं | इस इंडस्ट्रीज में आने के लिए उम्मीदवार के पास प्रोडक्ट मार्केटिंग, डिजिटल स्टेटस, ब्रांड मैनेजमेंट स्किल होना चाहिए

नंबर 5 हेल्थ केयर एंड मैनेजमेंट- जैसा कि वर्तमान आपदा को देखा जा रहा है, यह एक अहम क्षेत्र है | हेल्थ केयर प्रोफेशनल सपोर्टिंग यानी सहायक स्टाफ होते हैं जैसे हेल्थ केयर असिस्टेंट, फार्मेसी टेक्निशियंस, डेंटल असिस्टेंट, होम हेल्थ एंड वगैरह इन्हें पेशेंट एजुकेशनल, डाटा एंट्री की जानकारी होनी चाहिए इन्हें फिजिशियन के साथ मिलकर काम करना होता है

नंबर 6 ई-एजुकेशन- शिक्षा अब ऑनलाइन और वर्चुअल सेटिंग्स में हो रही है इस क्षेत्र के लिए प्रोफेशनल से जैसा कि टीचिंग असिस्टेंट, स्कूल टीचर्स, प्रोफेसर और करिकुलम डेवलपर्स की मांग बढ़ रही है साथ ही इनमें डिजिटल स्टेटस लेसन प्लैनिंग टाइम मैनेजमेंट आदि भी अपेक्षित है

नंबर 7 मेंटल हेल्थ- इस पर स्पेशलाइजेशन इस समय कई प्लेटफार्म जो मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने और सहायता उपलब्ध करा रहे हैं इन दिनों इनके प्रति लोगों में जागरूकता भी बड़ी है उन को देखते हुए इस समय मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल से जैसे बिहेवियरल थैरेपिस्ट, साइकोथैरेपिस्ट और साईंकाईरिस्ट की मांग बड रही है

नंबर 8 वर्कप्लेस डायवर्सिटी मैनेजमेंट- कई देशों के बीच व्यापार एवं वैश्वीकरण के चलते इस समय पूरी दुनिया एक इकाई हो चुकी है इसके चलते कार्य क्षेत्रों का विस्तार हुआ है और कर्मचारियों में विविधता आई है इसी कारण वर्कप्लेस डायवर्सिटी मैनेजमेंट, डायवर्सिटी ऑफिसर, डायवर्सिटी कोऑर्डिनेटर्स की जरूरत भी पड़ी है ताकि संस्किति से लोगों को जागरूक बनाया जा सके, उनके प्रति सहिष्णुता बढ़ाई जा सके और विवाद समाधान संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सके

नंबर 8 टेक्नोलॉजी- ऑनलाइन काम की स्थितियों में नौकरियों के कई मौके उपलब्ध कराए हैं जैसे कि ब्लॉकचेन, साइबर सिक्योरिटी, एथिकल हैकिंग आदि जाहिर है कि इनके प्रोफेशनल्स को प्रोग्राम मैनेजमेंट, वेब डेवलपमेंट, डिस्ट्रीब्यूटर सिस्टम आदि की जानकारी होनी जरूरी है

नंबर 9 यूजर इंटरफेस एवं यूजर एक्सपीरियंस डिजाइन यूआई एंड यूएक्स किसी भी कंपनी को बना लेना भर अहम नहीं होता है जब तक ब्रांड नेम, क्लाईनट नहीं बनते, इस बिंदु पर यूआई और यूएक्स डिजाइनर्स जैसे कि प्रोडक्ट डिजाइनर, कंसलटेंट यूजर, एक्सपीरियंस रिसर्च आदि काम आते हैं यह क्लाइंट की आवश्यकताओं का विश्लेषण करते हैं और प्रोडक्ट को उपयोग करने में आसान और सुविधा पूर्ण बनाते हैं

बात सिर्फ अपने लिए सही कैरियर या नौकरी चुनने पर है पर महामारी कभी ना कभी खत्म तो होनी ही है कैरियर बनाना है और उस के माध्यम से आजीविका कमाना है तथा समाज में अपना योगदान करना, हमेशा चलता रहेगा इसलिए सही स्किल्स कर अपना चौमुखी विकास करें

 जैसा की महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने कहा जिंदगी कितनी भी कठिन लगे, कुछ ना कुछ ऐसा जरूर होता है जिसे आप कर सकते हैं और सफल हो सकते हैं

 महामारी के दौर में प्रत्येक क्षेत्र में बदलाव आए हैं ऐसे में कैरियर के बहुत से क्षेत्रों में अगर मांग में जबरदस्त उछाल आया है तो यह क्षेत्र एकदम अनुपयुक्त साबित हो रहे हैं आने वाले वक्त को लेकर क्या हुआ आपका कैरियर चयन और नजरिया बता रहे हैं Unemployment in india in Hindi by कैरियर काउंसलर जितिन चावला

कुछ गुणों का विकास जरूर करें बदलते वक्त के साथ कंपनियां और नियोक्ताओं की अपेक्षाओं और जरूरतों में भी बदलाव आ रहा है 

बदलते वक्त के लिए कंपनियां और नियोक्ताओं की अपेक्षाओं और जरूरतों में भी बदलाव आ रहा है अबे कुछ खास स्किल्स की खोज में है जिनकी मांग तेजी से कैरियर क्षेत्र में सामने आ रही है

  एक उम्मीदवार को अपनी नौकरी की खोज में इन स्किल्स मैं जितनी हो सके, खुद को विकसित करने पर जोर देना चाहिए ताकि किसी नौकरी में आपके आवेदन का चयन होने की संभावना भी बड़े इनसे भी कुछ निजी गुण है जो आपको प्रोफेशनल्स बनने में मददगार होंगे

विश्लेषण क्षमता एम क्रिटिकल थिंकिंग सीखने के लिए तत्परता रचना रचनात्मक एवं मौलिकता टेक्निकल, डिजिटल स्केल से प्रोबलम सॉल्विंग स्किल्स, लीडरशिप, टीम वर्क, इमोशनल इंटेलिजेंस और जुझारू प्रवृत्ति सिस्टम एनालिटिक्स एनालिसिस ऑनलाइन है

गूगल डिजिटल गैरेज जहां आपको डिजिटल विकसित करने और रिज्यूम राइटिंग और सीखने से संबंधित को आसानी से मिल जाएंगे

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