What Is Retail Store in Hindi

What Is Retail Store in Hindi
What Is Retail Store in Hindi

What Is Retail Store in Hindi-रिटेल स्टोर क्या होता है

आजकल हम देख रहे हैं रिटेल स्टोरों की धूम मची हुई है यह रिटेल स्टोर कई वर्ग फुट में बने हुए होते हैं इनको हम डिपार्टमेंटल स्टोर भी कह सकते हैं डिपार्टमेंट स्टोर में सभी सामग्रियां मिल जाती हैं जो डेली नीड पर आधारित होती हैं | कोई भी बड़ा बिजनेस वह एक 2 साल के लिए नहीं बल्कि लॉन्ग टर्म के लिए मान कर चलते हैं माना कि अभी लॉस हो रहा है लेकिन आने वाले समय में फायदा भी जरूर हुआ जरूर होगा |

आइए हम आपको बताते हैं की रिटेल स्टोर का स्ट्रक्चर कैसा होता है और इसमें क्या इसकी खूबिया होती है रिटेल स्टोर्स ओपन करने से पहले हमें एक SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) को फॉलो करना होता है जो हर एक रिटेल स्टोर की अलग-अलग होती है इसका मतलब है एक ऐसा तरीका जिसको फॉलो करके एक स्टोर की रचना की जाती है और यह सारे उस स्टोर के सारे रिटेल चेन में इंप्लीमेंट की जाती है |

सर्वप्रथम किसी भी रिटेल स्टोर को ओपन करने से पहले उसको एक बेहतरीन लुक दिया जाता है ताकि लोग वहां पर आकर सुविधाओं का फायदा उठा सकें और यह स्टोर काफी कम मार्जिन पर कार्य करते हैं अर्थात कंपटीशन को देखते हुए अपने प्राइस को एक दूसरे से कम रखने की कोशिश करते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा कस्टमर का आवा-गमन हो और सेल बड़े इसके लिए सभी रिटेल स्टोर अलग-अलग स्कीमों को इंप्लीमेंट करते हैं कोई डिस्काउंट देता है तो कोई फ्री होम डिलीवरी तथा कुछ-कुछ स्टोर तो अगले प्रोडक्ट की परचेज पर स्कीम देते हैं अब हम समझते हैं कि रिटेल स्टोर किस प्रकार चलते हैं |

एक रिटेल स्टोर के अंदर बहुत से सब कैटेगरी या सेक्शन होती है जैसे किड्स सेक्शन, मेंस सेक्शन, लेडीस सेक्शन, हाउसहोल्ड होम-डेकोर एवं एफएमसीजी आदि इन सब सेक्शनो को पर स्क्वायर फीट के हिसाब से बाटा जाता है और यह आंकलन किया जाता है की किस सेक्शन से ज्यादा सेल हो रही है ताकि उस सेक्शन को ज्यादा से ज्यादा जगह दी जा सके और किस सेक्शन में सेल कम है उस सेक्शन को का स्पेस कम कर दिया जाता है क्योंकि रिटेल स्टोर में पर स्क्वायर फीट का बहुत महत्व है क्योंकि जब कोई भी रिटेल स्टोर ओपन होता है तो उसकी कॉस्टिंग पर स्क्वायर फीट के आधार पर आती जाती है चाहे वह सेक्शन का स्पेस हो या फिर आईल स्पेस |

आइये अब जानते है कि एक रिटेल स्टोर में मुख्यतः कौन- कौन से सेक्शन होते है-

Kids Section- इसको मुख्यतः है तीन भागों में बांटा जाता है पहला बॉयज सेक्शन, दूसरा गर्ल्स सेसेक्शन तथा तीसरा इन्फेंट सेक्शन- जीरो से दो वर्ष तक के बच्चों को इन्फेंट सेक्शन में रखा जाता है अर्थात इस उम्र के बच्चों में गर्ल्स के कपड़े बॉयज को तथा बॉयज के कपड़े गर्ल्स को पहनाए जा सकते हैं | फिर 2 वर्ष से ऊपर के बच्चों को  बॉयज या गर्ल्स सेक्शन में बांटा जाता है अमूमन देखा गया है कि बच्चों के कपड़े माता – पिता के मुकाबले महंगे होते हैं, ऐसा माना जाता है की लोग अपने से ज्यादा अपने बच्चों के कपड़े खरीदने में ज्यादा खर्चा करते हैं |

Men’s Section- इसको मुख्यतः दो भागों में बांटा जाता है पहला एथेनिक सेक्शन- इस सेक्शन में पारंपरिक वेशभूषा को शामिल किया जाता है जैसे धोती-कुर्ता, लूंगी, शोल आदि दूसरा सेक्शन है वेस्टर्न इसमें आधुनिक या ऑफिस यूज के कपड़ो को शामिल किया जाता है |

Ladies Section इसको मुख्यतः दो भागों में बांटा जाता है पहला एथेनिक इसके अंतर्गत साड़ी, धोती, सलवार-सूट आदि आइटम आते हैं तथा दूसरा वेस्टर्न सेक्शन इसमें लेडीस जींस, टॉप, स्कल्ट आदि वस्त्र आते हैं जो आधुनिक के साथ साथ यूरोपीय वर्स्त्रो पर आधरित होते है |

Household Section- इस सेक्शन में गृह प्रयोगी आइटम अर्थात बर्तन आते हैं चाहे वह स्टील के हो या कांच के हो या फिर किसी भी अन्य प्रकार के बर्तन जो रसोई में उपयोग में लाए जाते हैं इसमें छोटी से छोटी चम्मच से लेकर बड़े से बड़े कुकर आदि आइटम आते हैं जो हमारे जीवन को सरल बनाते है |

Home Dekor Section इस सेक्शन में मुख्यतः घर की सजावट के सामान को रखा जाता है जैसे बेड कवर, चादर, कुशन, तकिए, पर्दे, डोर मेट  आदि तथा इस सेक्शन में ही रजाई-गद्दे कंबल आदि को भी रखा जाता है जो सजावट के साथ साथ हमें ठण्ड से भी बचाते है |

Electronic Section इसको मुख्यतः सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक आइटम को रखा जाता है जैसे मोबाइल फोन, चार्जर या फिर मिक्सर ग्राइंडर, ओवन आदि यह सेक्शन बहुत ही नाजुक सेक्शन और महंगा होता है क्योंकि इसमें रखी आइटम जरा सी टक्कर से खराब हो सकते हैं इसलिए इस सेक्शन में बहुत ऐतेयात बरती जाती है |

Footwear Section इस सेक्शन को भी तीन भागों में बांटा जाता है लेडीस सेक्शन, मैन्स सेक्शन और किड्स सेक्शन जैसा कि नाम से ही पता लग रहा है कि मैन्स सेक्शन में आदमियों के जूते-चप्पल मिलते हैं, उसी प्रकार लेडीस सेक्शन में महिलाओं के जूते चप्पल तथा किड्स सेक्शन में बच्चों के जूते चप्पल मिलते हैं तथा पैरों की नाप एक स्कूल में बैठकर ली जा सकती है |

Toys and Games Sectionइसको मुख्यतः दो भागों में बांटा जाता है मूविंग टॉयज और नॉन मूविंग टॉयज अर्थात जो टॉयज बैटरी से संचालित होते हैं या इलेक्ट्रॉनिक होते हैं तो उनको मूविंग इसकी कैटेगरी में रखा जाता है जैसे इलेक्ट्रॉनिक कार, एरोप्लेन आदि तथा जो टॉयज में बैटरी आदि का यूज़ नहीं होता है उन्हें नॉन मूविंग टॉयज कहा जाता है जैसे टेडी बेयर, बच्चों के झुनझुनी या छोटी छोटी गाड़ियां आदि |

Health and Fitness Section इस सेक्शन के अंतर्गत बॉडी-बिल्डिंग का सामान होता है जैसे डंबल या फिर मशीनें आती हैं जिसके द्वारा महिला या पुरुष अपने स्वास्थ्य की देखभाल या योगा के लिए सामान खरीद सकते हैं तथा स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते है |

Cosmetic Product Section इस सेक्शन में सौंदर्य को बढ़ाने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली सामग्री को दर्शाया जाता है जैसे कि स्किन क्रीम, बॉडी लोशन या फिर मैन्स के लिए आफ्टर सेव, परफ्यूम या डीयो आते हैं, यह प्रोडक्ट आम प्रोडक्टों के मुकाबले महंगे होते हैं क्योंकि यह आपकी त्वचा से सीधे संबंध रखते हैं और यह अच्छी क्वालिटी के होते हैं ताकि किसी प्रकार का कोई त्वचा को नुकसान ना पहुंचे |

FMCG Section (Fast Moving Consumer Goods)- इसको मुख्यतः तीन भागों में बांटा जाता है पहला फूड आइटम जिसके अंतर्गत बिस्कुट, नमकीन, चाय पत्ती, मैगी आदि आइटम आते हैं यह सब पैकेट बंद होते हैं और इन आइटम को सीधे ही यूज किया जा सकता है, दूसरा नॉन-फूड आइटम यह वह आइटम होते हैं जिनका यूज़ तो रोज होता है लेकिन इनको हम खा नहीं सकते अर्थात डेली नीड के वे आइटम जैसे टूथपेस्ट, नहाने या कपडे धोने का साबुन. टॉयलेट क्लीनर आदि, तीसरा स्टेपल इसके अंतर्गत दाल, चावल, आटा, चीनी आदि आइटम आते हैं, जिनको हम पकाकर यूज करते हैं |

यह सेक्शन सबसे महत्वपूर्ण होता है किसी भी रिटेल स्टोर के लिए क्योंकि इस सेक्शन में सभी प्रकार के डेली नीड का सामान मिलता है जिसकी जरूरत प्रत्येक व्यक्ति को पड़ती ही है इसी का फायदा उठाकर रिटेल स्टोर में इनका उपयोग किया जाता है इन सामानों पर डिस्काउंट देकर अन्य महंगे सामानों को कस्टमर तक पहुंचने में सहायता मिलती है |

रिटेल स्टोर में FMCG को रीड की हड्डी माना जाता है और सभी रिटेल स्टोर एसएमसी जी को काफी सस्ता करके बेचते हैं ताकि आने वाले ग्राहक डेली नीड के सामान के साथ साथ अन्य सामान गारमेंट आदि भी खरीदें ताकि रिटेल स्टोर के सेल ज्यादा से ज्यादा हो सके क्युकी गारमेंट में बहुत ज्यादा मार्जिन होता है | इसके अलावा और भी बहुत से सेक्शन होते हैं एक रिटेल स्टोर के अंदर जिसको स्टोर और अपने स्पेस के आधार पर घटाया बढ़ा भी सकता है क्योंकि जितना ज्यादा स्पेस होगा उतना ही ज्यादा सामान डिस्प्ले करना आसान रहेगा तथा यह भी ध्यान रहे कि जितना ज्यादा स्पेस होगा उतना ही ज्यादा खर्चा भी बढ़ेगा इसी खर्चे और बचत के फार्मूले से तय होता है कि स्टोर को फायदा हो रहा है या के नुकसान क्योंकि कोई भी रिटेल स्टोर हो या कोई भी बड़ा बिजनेस वह एक 2 साल के लिए नहीं बल्कि लॉन्ग टर्म के लिए मान कर चलते हैं माना कि अभी लॉस हो रहा है लेकिन आने वाले समय में फायदा भी जरूर हुआ जरूर होगा